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अधिक मास

20/05/2026 by प्रभु प्रजापति

अधिक मास में कौन सी पूजा करें और क्या लाभ मिलता है

अधिक मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी मास माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण को समर्पित माना जाता है। इस मास में किए गए जप, तप, दान, पूजा और साधना का फल कई गुना अधिक प्राप्त होने की मान्यता है।

इस अवधि में विशेष रूप से दोष निवारण, धन प्राप्ति, सुख-समृद्धि, विवाह बाधा निवारण, ग्रह शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए पूजा करवाई जाती है।

अधिक मास में विशेष लाभ देने वाली पूजा

1. पुरुषोत्तम भगवान विष्णु पूजा

यह पूजा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं पुण्य वृद्धि के लिए की जाती है।

लाभ

आर्थिक उन्नति

परिवार में सुख-शांति

मानसिक तनाव में कमी

कार्यों में सफलता

भाग्य वृद्धि

2. महालक्ष्मी धन प्राप्ति पूजा

धन रुकावट, व्यापार बाधा एवं आर्थिक समस्याओं को दूर करने हेतु यह पूजा विशेष मानी जाती है।

लाभ

धन आगमन के योग मजबूत

व्यापार एवं नौकरी में प्रगति

घर में सकारात्मक ऊर्जा

आर्थिक स्थिरता

3. कालसर्प दोष एवं ग्रह शांति पूजा

यदि कुंडली में राहु-केतु या शनि संबंधित दोष हों तो अधिक मास में यह पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

लाभ

ग्रह बाधा में कमी

मानसिक शांति

अचानक आने वाली समस्याओं से राहत

कार्यों में रुकावट कम होना

4. रुद्राभिषेक एवं शिव पूजा

अधिक मास में भगवान शिव की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

लाभ

रोग एवं भय से राहत

विवाह बाधा निवारण

मनोकामना पूर्ति

सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि

अधिक मास में क्या करें

प्रतिदिन दीपक जलाएँ

भगवान विष्णु या शिव मंत्र जप करें

गरीबों को दान करें

तुलसी पूजा करें

गीता या विष्णु सहस्रनाम पाठ करें

सात्विक भोजन एवं संयम रखें

गौ सेवा एवं अन्न दान करें

हमारी पूजा व्यवस्था

पूजा अनुभवी एवं विद्वान पंडितों द्वारा करवाई जाती है

विशेष वैदिक एवं बीज मंत्रों का प्रयोग किया जाता है

सम्पूर्ण पूजा सामग्री हमारी ओर से उपलब्ध करवाई जाती है

यजमान को किसी भी प्रकार की सामग्री लाने की आवश्यकता नहीं होती

पूजा पूर्ण शुद्धता एवं विधि-विधान से सम्पन्न करवाई जाती है

अधिक मास में श्रद्धा से की गई पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, पुण्य वृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम मानी जाती है।